लिख तो दूँ मे तुझपे अफसाने कई
थोड़ा डरता हूँ कही तू यादों मे ना बस जाए
वक्त बे वक्त तेरा छाया रहना
अन्देशा है प्यार का
ये फितरत रही है मेरी बरसों से
डर जाता हूँ मे धड़कने तेज होने से।

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