बेशक आँसू न बहे पर रोया हूँ मे हरपल
बेशक आवाज़ न दी पर मांगा है वक्त से हरपल
बेशक हंसता हूँ पर दिल उदास है मेरा हरपल
बेशक अकेलापन बाँट लेता हूँ
पर तेरी कमी रहती है हरपल
बेशक ये जिंदगी है लम्बी पर
जी रहा हूं इन्तजार में हरपल
है तो हंसी बेपनाह इस जिंदगी मे
पर तेरे सिवा कुछ ख्वाब ही नहीं देखे।

Advertisements