मेरी आँखों से ओझल होते-होते
देख के आँखों में खुशी तेरी
एक आवाज रोकने की ठहर गई आते-आते
विरानियों का आँचल जो लिपट रहा था मुझसे
तेरा मुड़ के पीछे देखना
अस्ख ठहरा गया था आँखों से बहते-बहते
थाम लिया है तब से दामन यादों का
हाथ तेरा रह गया था मेरे हाथों मे आते-आते
अधूरा एक इन्सान जो छूट गया लम्हों में
ख्वाबों से इश्क तेरा रह गया पन्नो पे
मेरी जिदंगी मे आते-आते
याद आता है आज भी एक नाम मेरे होठों पे
धड़कने तेज हो जाती है साँसों के थमते-थमते।

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