चिड़िया रानी चिड़िया रानी कभी तो मेरे आँगन आओ
जब भी लगे भूख प्यास मेरे आँगन में आजाओ
एक कटोरा पानी दाने बिखेरा हूँ अपने आँगन मे
जब भी बच्चे हो आँचल मे लेकर आना उन्हें यहां
इतनी सी तो जान है तझमें
भटको न गर्मी  में वहां
बहुत प्यारी तु मुझको भाती
कभी तो मेरे आँगन आओ
सबको प्यारी तुम हो भाती
न जान का डर है  यहाँ
तिनके-तिनके कट्ठा करके
जो बनाते हो तुम घर अपना
छोटे दिमाग की बडी बुद्धिमानी
देखा करता हूँ हर रोज

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