आसमाँ पे पानी उछाल के देखा कुछ छींटे आसमाँ को भिगोये थे
जमी भीगी देख के कहने लगे लोग ये बादलों की साजिश है
किसी ने देखा नही मेरे आँगन में
छोटे-छोटे बच्चे अँसमा पे पानी उछाल रहे थे

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