इन सन्नाटो मे इक आहट सुनाई देती है
बस इक तेरै आने का ख्वाब दिखाई देता है
ठहरे पानी मे जब भी परछाई देखूँ तो
तेरा चेहरा नजर आता है
समन्दर मे डोलती कश्ती सी जिन्दगी है
मिलेगा किनारा या लहरो की गर्दिशो मे जीना है
बस ऐ जिदंगी ये जान ले के लहरो का मुकाम भी शाहिलो तक आना है

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