आँखों मे एक नशा सा है
तेरे आने का कोई रास्ता सा है
देखी है ये आँखें मदहोश होके
दिखती कोई धुंधली परछाई सी है
तेरी हो तो ख्वाब बना लू उसे
कम न हो जिने की एक आस बना लू उसे
तेरी यादों की एक हकीकत बना लू उसे
गुजरे कभी इन गलियों तो एहसास हो खोने का
एेसी तस्वीर बना लू उसे

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