जीने की उम्मीद देके न जाने चले गए हो कहां
दिल मे इश्क जगा के दूर हुए न जाने कहां
एक वजह ही बता देते यूं गुमसुम रहने की
शायद हम भी सीख लेते ये अदा दूर रहने की
बस एक बार आजा देख के भले ही चले जाना
थोड़ा और तो देख लूं तुम्हें
फिर चाहे तो उम्रभर के लिए चले जाना।

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