खुद को सायर कहता हूँ मे

सच कहूँ तो कायर हूँ मे

दिल के दर्द को कहने की हिम्मत नहीं

इसलिए लिखता हूँ मे

रो न पडू एक दर्द से

इसलिए महफ़िलों मे गुफ्तगू नहीं करता मे

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