कभी दिल पूछता है मुझसे क्या कोई गलती हो गई मुझसे जो तू इतना तड़पा रहा है या गलती कर दी सीने मे तेरे धडक के मे बस मुस्करा देता हूँ कभी ये कह नहीं पाता तू ही तो है जो दर्द पाता है मेरी गलती से फिर भी हर लम्हा धड़कता है मेरे जीने के लिए

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