नहीं मांगता तुझे खुदा से तेरे दामन मे दर्द मुझे भी गवारा नहीं दिल मे दर्द है इसलिए लफ्जो मे तेरा जिक्र तो होगा अपना नाम जोड़ यूं तुझे जलील नहीं करना चाहते तुम्हारी किस्मत का ही तो ये असर है दीवाना मिला भी तो बस नाम का जिक्र करे अपनी तो दिल मे दर्द लिखवा लाये हैं अब दिल मे रखें भी तुम्हें तो कैसे बस आँखों मे बसा लिया है मुहब्बत तो तुमसे बहुत कोई पूछ ले तो कह भी नहीं सकते

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