तुम्हारी बात करनी अछी लगती है
दिल रोता तो है तेरी याद मे
पर उस दर्द मे जीना अच्छा लगता है
जो दिल ने महसूस किया वो कह दिया आपसे
न मकसद हर हाल मे तुझे अपना बनाना था
हमारा इश्क़ है सचा ये आज भी हम कहते हैं
तुम समझ बैठे औरों की त्रह हवश है मेरी निगाहों मे मेरा प्यार भी सचा है मेरी दीवांगी भी
जूठा था तो बस वो लम्हा जो हमारा न था ।

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