देखा था आखरी ख्वाब तेरा
अब वो भी टूट गया
की थी एक आखिरी गुजारिश
वो अधूरी रह गयी
दिल का अरमान तुझे पाना तो था
अब हर सांस मेरी सिसकती रह गयी
तेरा अरमा होता था अक्सर जहां
शायद दिल का वो चमन ही उजड़ गया।

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