साँसो की बंदीस कहती है लौट आओ
यूं दर्द का तूफा सह नहीं पाओगे
दुआ करते हैं देख ही न पाये तुम्हें ये निगाहे
एक बार तो भूल नहीं पाये तुम्हें
कहीं फिर मुहब्बत न कर जाएँ आपसे।

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